LPG Crisis – सरकारी तेल कंपनियों ने रसोई गैस की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के मकसद से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग से जुड़े नियमों में अहम संशोधन किए हैं। नई व्यवस्था मंगलवार से प्रभाव में आ गई है और इसके तहत उज्जवला योजना के लाभार्थियों तथा आम उपभोक्ताओं के लिए रिफिल की समय-सीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है।
सिलेंडर के आकार के अनुसार नई समय-सीमा
नई व्यवस्था के अंतर्गत 14.2 किलोग्राम के मानक घरेलू सिलेंडर के लिए उज्जवला योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को अगली रिफिल बुक कराने के लिए 45 दिन की प्रतीक्षा करनी होगी, जबकि अन्य सामान्य उपभोक्ता 25 दिन बाद ही रिफिल के लिए आवेदन कर सकेंगे।
5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर के लिए उज्जवला लाभार्थियों को 16 दिन और सामान्य उपभोक्ताओं को 9 दिन का इंतजार करना होगा। इसी तरह 10 किलोग्राम के कंपोजिट सिलेंडर की रिफिल 18 दिन के अंतराल पर उपलब्ध होगी।
दो सिलेंडर कनेक्शन धारकों पर विशेष प्रतिबंध
जो उपभोक्ता दो सिलेंडर कनेक्शन रखते हैं, उनके लिए यह बदलाव सबसे अधिक असरदार रहेगा। ऐसे उपभोक्ताओं को दूसरे सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के लिए कम से कम 35 दिन प्रतीक्षा करनी होगी। वहीं एकल सिलेंडर धारकों के लिए यह अंतराल 25 दिन रखा गया है। इस नियम को लागू करने के लिए कंपनियों ने अपना सॉफ्टवेयर सिस्टम भी अपडेट कर दिया है, जो निर्धारित समय से पहले बुकिंग करने की कोशिश पर स्वतः रोक लगा देगा।
कमर्शियल उपभोक्ताओं पर भी कसा शिकंजा
आगरा जिला प्रशासन ने भी व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति के संदर्भ में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी की अध्यक्षता में तेल कंपनियों के साथ हुई बैठक में यह तय किया गया कि अब व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का केवल 10 से 20 प्रतिशत ही आवंटन दिया जाएगा।
इस वर्गीकरण के अनुसार अस्पताल, रेलवे और शैक्षणिक संस्थानों को 20 प्रतिशत कोटा मिलेगा, जबकि होटल, रेस्तरां और ढाबा संचालकों को अपनी जरूरत का केवल 10 प्रतिशत ही एलपीजी आपूर्ति प्राप्त होगी।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई घरेलू एलपीजी का व्यावसायिक उपयोग करते या सिलेंडर की जमाखोरी करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह नियम शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू होंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही संसद में इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकारों से जमाखोरों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की अपील कर चुके हैं। सरकार की मंशा है कि गैस की उचित खपत सुनिश्चित हो और हर जरूरतमंद परिवार तक एलपीजी की सुलभ पहुंच बनी रहे।








